कुछ घंटो कें लिये बाधित होगी टिकट बुकिंग प्रणाली

क्या आप रेलवे में रिजर्वेशन करवाने जा रहे है, तो जरा ठहरिए जनाब, आपके लिए जरूरी है इन बातो को जानना।

5 और 6 मई 2018 को भारतीय रेलवे आरक्षण प्रणाली की पूछताछ सेवा अर्थात् शनिवार और रविवार को ऑनलाइन रिजर्वेशन सिस्टम में कुछ दिक्कत रहेगी जिसके चलते 5 मई को 1 घंटा 45 मिनट तथा 6 मई की सुबह 1 घंटा 10 मिनट तक अस्‍थायी तौर पर सेवाए बन्‍द रहेगी। हम आपको बताते चले कि उत्‍तर रेलवे में यात्री आरक्षण प्रणाली आईआरसीए में सामान्‍य इलेक्ट्रिकल मेंटेंनेंस का काम किया जाना है। जिस वजह से लोगो को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। 5 मई का जो 1 घंटे का टाइम होगा वो मध्‍य रात्रि को 10:30 से 12:15 बजे तक रहेगा एवम् 6 मई को ये 1 घंटे की जो सीमा अवधि होगी वो  सुबह 05:15 बजे से शुरू होकर 06:25 बजे तक रहेंगी।
हम आपको बताते चले कि इस अवधि के दौरान उत्‍तर रेलवे, उत्‍तर मध्‍य रेलवे तथा पूर्वोत्‍तर रेलवे के रेलयात्री आरक्षण टर्मिनल बंद रहेंगे पर अच्छी बात यह है कि इस दौरान भी 139 पूछताछ सेवा तथा राष्‍ट्रीय ट्रेन पूछताछ प्रणाली (NTES) सेवा उपलब्‍ध रहेगी जिस से लोगो को मदद मिल सके।

गौरतलब हो की इस समय बच्चों की गर्मियों की छुट्टिया भी चल रही है इस वजह से भीड़ ज्यादा रहेगी जिस वजह से रिजर्वेशन सेंटर पर लोगों की लाइनें लंबी होंगी जबकि रिजर्वेशन काउंटर पर जाकर टिकट बुक करवाने वाले लोगों को परेशानी का सामना नही करना पड़ेगा क्योंकि रिजर्वेशन सेंटर सुबह 8 बजे खुल जायेगे।

महिलाओ को लेकर सजग हुयी रेल मंत्रालय

जी हाँ, ट्रेनों में महिलाओ के प्रति हो रहे छेड़छाड़ को देखते हुए मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि 2018 को महिला सुरक्षा वर्ष के रूप में मनाने की रेलवे की योजना के तहत अब लंबी दूरी की ट्रेनों में महिलाओं का डिब्बा पीछे रहने की बजाय बीच में रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त इसका रंग भी बाकी डिब्बों से एवम् सिक्युरिटी के तौर पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाये जायेंगे। डिब्बों की खिड़कियों पर जालियां लगाने पर भी चर्चा की जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रेनों में सफर करने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए योजनाओं के पालन की निगरानी को लेकर एक कमेटी भी गठित की गई है। इस कमेटी में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्विनी लोहानी, सदस्य ( यातायात ) मोहम्मद जमशेद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। इसने इस मुद्दे के बारे में एक नीतिगत फैसला भी किया गया है। उन्होंने बताया कि ब्योरे को अंतिम रूप देने के लिए रेलवे के विभिन्न जोन से विचार मांगे गए हैं। महिलाओ के डिब्बे ट्रेन के अंत में होने के कारण महिलाये रात के अंधेरे में उतरने और चढ़ने में असुरक्षित महसूस करती है। अब इन डिब्बों में चाहे टिकट जांच करने वाले हों या न हो पर आरपीएफ कर्मी, के तौर पर उनमें महिलाओं को भी शामिल रखा जाएगा। महिलाओ के डिब्बो किस रंग का होगा अभी पक्का नहीं है पर गुलाबी रंग रखा जाने की बात चल रही है।

Mithilesh Patel

After completing B.Tech from NIET and MBA from Cardiff University, Mithilesh Patel did Journalism and now he writes as an independent journalist.

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