वाराणसी जिला पंचायत में मारपीट को लेकर, एएमए सहित तीन पर मुकदमा
वाराणसी। शुक्रवार को जिला पंचायत कार्यालय में ही प्रशासनिक अधिकारी एवं लिपिक आपस में उलझ गए। सिर्फ इतना ही नहीं अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) के कमरे में गाली-गलौच से लेकर मारपीट भी हुई। एएमए ने मामले की गहमा – गहमी को देख कर पुलिस को सूचित कर दिया। मामला तब शांत हुआ जब कचहरी पुलिस चौकी के पुलिसकर्मियों ने वहां जाकर मामले को शांत कराया। प्रशासनिक अधिकारी आनंद कुमार सिंह की तहरीर पर कैंट थाने में देर शाम एएमए सुधीर कुमार, लिपिक प्रथम सुनील सिंह एवं अभियंता अखिलेश कुमार और लिपिक के खिलाफ मारपीट व लूट का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
हम आपको बताते चले कि जिला पंचायत में प्रशासनिक अधिकारी आनंद एवं लिपिक प्रथम सुनील कुमार सिंह शुक्रवार को किसी बात पर आपस में भिड़ गए। एएमए के कमरे में शुरू हुई वह नोक-झोक गाली से लेकर मारपीट तक पहुंच गई। पुलिस जब सूचना वहां पर पहुंची तो उन्होंने मामला शांत करवा दिया था पर देर शाम आंनद सिंह अस्पताल से मेडिकल कराकर कैंट थाने जा पहुंचे और उन्होंने प्रथम लिपिक सुनील सिंह के साथ ही एएमए सुधीर कुमार और अभियंता अखिलेश कुमार के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करा दिया। जबकि एएमए और अभियंता के नाम के सामने पिता का नाम, पता अन्य जानकारी अज्ञात रूप में दर्ज कराई गई है।
बताया जाता है कि जिलाधिकारी के आईजीआरएस पोर्टल पर जिला पंचायत सदस्य अमित सोनकर ने शिकायत की थी कि जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर, एएमए एवं अभियंता अरविंद कुमार राय ने निर्माण कार्यों पर लोहे का बोर्ड लगाने के नाम पर लाखों का गमन किया है। पोर्टल प्रभारी के निर्देश पर एएमए ने नाजिर रामाधीन सिंह बघेल से लोहे के बोर्ड से संबंधित पत्रावली मांगी थी पर वह बिना पत्रावली दिए ही छुट्टी पर चले गए थे। इस पर आपत्ति जाहिर करते हुए शुक्रवार को एएमए ने फाइल तलब की। इसी मुद्देको लेकर बातचीत करने के बीच ही दोनों कर्मचारियों में मारपीट हो गई। उस मारपीट के बाद से ही जिला पंचायत दो भागों में बंट गया है।