इन चार वजहों से सीएम योगी घिरे विवादों में, बीजेपी ने भी छोड़ा साथ

इन चार वजहों से सीएम योगी घिरे विवादों में, बीजेपी ने भी छोड़ा साथ

उत्तर प्रदेश.सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना एक साल पूरा कर लिया है। जब उनको यूपी की सत्ता सौपी गयी थी तो माना जा रहा था, कि आरएसएस ने पीएम के आने वाले उत्तराधिकारी के रूप में योगी आदित्यनाथ को चुना है।

यूपी में योगी सरकार ने अपना एक वर्ष पूरा किया है पर वह जनता से अपने किये गए वादों पर खरी नहीं उतर पा रही है। खुद सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ विवादों में घिर गए है और चार ऐसे बड़े सवाल है जो उनके कार्यकाल के दौरान उठ रहे है और यह मामला इतना गंभीर है, कि खुद बीजेपी ने भी योगी आदित्यनाथ का साथ छोड़ दिया है और उन्हें खुद पुरे समस्याओ का समाधान करने के लिए कहा गया है।

गोरखपुर और फूलपुर उप चुनाव में हुयी किरकिरी

जब निकाय चुनावो में बीजेपी ने अच्छा प्रदर्शन किया था तो उसका श्रेय सीएम योगो को ही मिला था। पर जब से गोरखपुर और फूलपुर उपचुनावो में भाजपा के प्रत्याशी हारे है तब से उनके नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठने लगा है।

अपना दाल और सुभासपा को मानाने में रहे नाकाम

यूपी में बीजेपी को मिली प्रचंड बहुमत में छोटी पार्टियों का भी योगदान है इसमें उसकी सहयोगी पार्टियों में ओमप्रकाश राजभर और अनुप्रिया पटेल की पार्टी भी शामिल है और 2017 के चुनाव में इनके योगदान को नाकारा नहीं जा सकता पर सीएम योगी इन दोनों दलों को मनाने में असफल रहे और इस पुरे मामले को निपटने स्वयं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को आना पड़ा।

जातीवाद का भी लगा आरोप

यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव पर जातिवाद का आरोप यू तो बीजेपी हमेशा ही लगाती रही है पर अब खुद इसी विवाद में मुख्यमंत्री योगी भी फंस गए है, क्योंकि राजीव रौतेला हो या फिर यूपी के डीजीपी। इन सभी मामलो को लेकर सीएम योगी के ऊपर ठाकुरवाद का आरोप लगता रहा हैं, कुछ मामलो में तो खुद ब्राह्मण वर्ग भी सीएम से नाराज़ चल रहा है।

2019 में होगी असली परीक्षा

इन सब मामलों के बीजेपी के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण चुनाव लोकसभा 2019 है। दिल्ली की सत्ता में फिर से कब्जा करने के लिए बीजेपी को वर्ष 2014 का जादू दोहरना चाहेगी और बीजेपी नेतृत्व इसमें किसी प्रकार की कोताही बर्दास्त नहीं करेगा। यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ है इसिलिए यदि बीजेपी अगर कम सीटे जीतती है तो इसे सीएम योगी की विफलता के रूप में देखा जायेगा और सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए आगे का सफर कठिन हो जायेगा।

Mithilesh Patel

After completing B.Tech from NIET and MBA from Cardiff University, Mithilesh Patel did Journalism and now he writes as an independent journalist.

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