अब नहीं जा सकेगी दिन में मैदागिन से मर्णिकर्णिका घाट तरफ़ शववाहन

अब नहीं जा सकेगी दिन में मैदागिन से मर्णिकर्णिका घाट तरफ़ शववाहन

दिन के समय नहीं जा सकेंगे मैदागिन से मर्णिकर्णिका घाट तरफ़ कोई भी शववाहन। प्रातः 9 बजे से शाम 6 बजे तक शव वाहनो पर पूर्णतया प्रतिबंध।

मैदागिन स्थित हरिश्चन्द्र महाविद्यालय के पास शव लाने वाले वाहनों की पार्किंग होने के कारण अक्सर लगने वाले जाम से छुटकारा दिलाने के लिए उठाया गया ये आवश्यक कदम।

पुलिस अधीक्षक यातायात सुरेशचंद्र रावत ने बताया कि शवों को लेकर आने वाले वाहन प्रायः चौकाघाट, लहुराबीर, गोलगड्डा तिराहा, भदऊचुंगी, भैंसासूर तिराहा सहित अन्य मार्गों से आते व जाते हैं, जिससे आवागमन के साथ  यातायात भी प्रभावित होता है, जबकि भैंसापुर से मरणीकर्णिका घाट शवों को ले जाने हेतु शुधांशु मेहता फाउन्डेशन द्वारा 04 जल शव वाहिनी की निःशुल्क व्यवस्था की गयी है, जो पिछले लगभग एक वर्ष से निःशुल्क जल शव वाहिनियों का संचालन कर रहे हैं, जिनसे लगभग 40 से 50 शव प्रतिदिन वर्तमान में भी भैंसासूर घाट से मणिकर्णिका घाट ले जाकर सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया जा रहा है। भैसासूर घाट पर वाहनों के पार्किंग की भी पर्याप्त व्यवस्था की गयी है।

इसके बावजूद जानकारी के अभाव में या जानबूझ कर मैदागिन में शव वाहन के आवागमन से जनमानस को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस चौराहे पर दो बड़े कॉलेज सहित मंडी भी है।  जिसको ध्यान में रखते हुए शववाहनों के आवागमन के सम्बन्ध में पुलिस अधिनियम 1861 की धारा 31 में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए आज से प्रतिदिन प्रातः 09.00 बजे से 18.00 बजे तक तत्काल प्रभाव से रोक लगायी जा रही है। साथ ही साथ अंतिम संस्कार हेतु मणिकर्णिका घाट पर आने वालेे समस्त प्रकार के वाहन चाहे वह किसी तरफ से आकर चौकाघाट होते हुए लकड़मण्डी, गोलगड्डा तिराहा होकर भदऊचुंगी से भैंसासूर घाट पर पहुॅंचेगें। जहाॅं पर शव लेकर आये वाहन को पार्क कराते हुए भैसासूर घाट पर मौजूद शव जल वाहिनी के माध्यम से मणिकर्णिका घाट तक निःशुल्क पहुॅंचाया जायेगा तथा उन्हें पुनः वापस निःशुल्क लाकर भैंसासूर घाट पर छोड़ा जायेगा।

नियम का पालन न करने वाले के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही किया जायेगा: पुलिस अधीक्षक यातायात सुरेशचंद्र रावत।

Mithilesh Patel

After completing B.Tech from NIET and MBA from Cardiff University, Mithilesh Patel did Journalism and now he writes as an independent journalist.

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