12 साल तक की नाबालिग से रेप पर फांसी की तैयारी, 11:30 बजे से कैबिनेट मीटिंग शुरू

12 साल तक की नाबालिग से रेप पर फांसी की तैयारी, 11:30 बजे से कैबिनेट मीटिंग शुरू

कठुआ-उन्नाव गैंगरेप और एससी-एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हुए बवाल को रोकने के लिए शनिवार को केंद्र सरकार दो महत्वपूर्ण अध्यादेश ला सकती है। नरेंद्र मोदी विदेशी दौरे से आ चुके है। आज 11:30 बजे कैबिनेट की बैठक में सरकार बाल यौन अपराध निरोधक कानून (पॉस्को एक्ट) में संशोधन का अध्यादेश ला सकती है। अभी पॉक्सो में अधिकतम ताउम्र कैद और कम से कम सात साल कैद की सजा का प्रावधान था। लेकिन अब इसमें 12 साल तक की नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को फांसी की सजा का प्रावधान जोड़ा जाएगा।

लेकिन कानून मंत्रालय के एक अधिकारी ने सीजेआई दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच में एक याचिका पर सुनवाई के दौरान बताया कि पॉक्सो एक्ट में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 12 साल तक की बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामले में अधिकतम फांसी की सजा का प्रावधान होगा।

वहीं दूसरी तरफ एससी-एसटी एक्ट से जुड़ा एक और अध्यादेश लाने की तैयारियां जोरो पर हैं। इससे एससी-एसटी एक्ट को पुराने स्वरूप में लाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने मौजूदा कानून में बदलाव करते हुए इसमें जेल भेजने से पहले कुछ शर्तें लगा दिया है। जिसके बाद पूरे देश में दलित आंदोलन हुआ था।

बता दे कि केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा था, ‘हम पॉक्सो एक्ट में संशोधन पर विचार कर रहे हैं। इस तरह के अपराध में मौत की सजा पर विचार किया जा रहा है। बच्चियों के साथ गलत करने वालों में कानून का भय होना चाहिए।’

हालांकि दुष्कर्म मामले में महिला की मौत होने या न होने दोनों स्थितियों में दोषी को मौत की सजा का प्रावधान जोड़ा गया है। इसे आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम के नाम से जाना जाता है। यह परिवर्तन 2012 में दिल्ली में हुए निर्भया गैंगरेप मामले के बाद क्रिमिनल एक्ट में अध्यादेश लाकर किया गया था।

कठुआ-उन्नाव सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या का मुद्दा देशभर में सुर्खियों में है। वहीं उन्नाव में भाजपा के विधायक पर युवती के साथ गैंगरेप के आरोप हैं। इस मामले में सीबीआई जांच कर रही है। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पूरे देश में प्रदर्शन हो रहे हैं।

Mithilesh Patel

After completing B.Tech from NIET and MBA from Cardiff University, Mithilesh Patel did Journalism and now he writes as an independent journalist.

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