बिना हेलमेट नहीं चलेगी बाइक

अक्सर ही लोग रोड पर चलते समय सड़क नियम का पालन नहीं करते है। बहुत बार लोग बाइक चलाते समय हेलमेट लगाना जरुरी नहीं समझते है जो कि गलत है और युवा वर्ग तो स्टाइल मारने के चक्कर में नहीं लगाते जिन कारणवश प्रायः दुर्घटनाएं होती है।

हम आपको बताते है की डीएवी यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने एक ऐसी स्मार्ट बाइक तैयार की है, जो चालक के हेलमेट पहनने पर ही चलेगी। बिना हेलमेट पहने बाइक चालक चाहे कितने भी जतन क्यों न कर ले पर वह बाइक नहीं चला पाएंगे। यह सिस्‍टम किसी भी बाइक में लगाया जा सकता है।

हम आपको बता दे कि दुर्घटनाओं को देखते हुए की विधार्थियो को ऐसी बाइक बनाने का आईडिया आया। यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी कार्तिक शर्मा,रजत अरोड़ा, हरमनप्रीत सिंह, मनीष डडवाल, आकाशदीप एवं प्रो. योगेश ने बताया कि हादसों के वक़्त सिर में चोट से बचने के लिए स्मार्ट हेलमेट बाइक तैयार की है। यह बाइक कोई भी चालक तब तक स्टार्ट नहीं कर पाएगा जब तक उसने हेलमेट न पहन रखा हो। इस बाइक को तैयार करने में साढ़े तीन महीने लगे हैं। इस तकनीक को महंगी से महंगी बाइक पर अपनाया जा सकता हैं। जल्दी ही इस बाइक को पेटेंट करवाया जाएगा।

स्मार्ट हेलमेट बाइक डीएवी यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने बनाई है

विधार्थियों को इस बाइक को तैयार करने में साढ़े तीन महीने का समय एवं मात्र नौ हजार रुपये का खर्च लगा है। विधार्थियों द्वारा उनका यह प्रोजेक्ट पुरानी बाइक पांच हजार रुपये में खरीद किया गया, इस स्मार्ट बाइक की एवरेज 45 किमी प्रति लीटर है।

ऐसे काम करेगी यह बाइक

हम आपको बता दे कि बाइक में आरएफ मॉड्यूलर रिसीवर एवं आरएफ मॉड्यूलर ट्रांसमीटर लगाया गया है। इसमें आरएफ मॉड्यूलर डिकोडर का काम करेगा और ट्रांसमीटर इनकोडर का काम करेगा। बाइक की बॉडी पर रिसीवर फिट किया गया है और ट्रांसमीटर हेलमेट के अंदर फिट किया गया है। इसके अलावा इनकोडर व डिकोडर में रिले एंड रिजिस्टर लगाए गए हैं, जो सिग्नल को ट्रांसमिट और रिसीव करने का काम करेगा।

बाइक के हेलमेट में ऑन ऑफ का बटन लगाया गया है जब हेलमेट पहना जाएगा तो हेलमेट के अंदर सिर का ऊपरी हिस्सा टच होगा और हेलमेट के अंदर का बटन ऑन हो जाएगा। वह सिग्नल ट्रांसमिट करेगा और बाइक की बॉडी पर लगा आरएफ मॉड्यूलर सिग्नल को रिसीव करेगा, जिससे बाइक का इंजन स्टार्ट हो जाएगा। यदि आप हेलमेट को उतारते हैं तो बाइक का इंजन बंद हो जायेगा , क्योंकि ट्रांसमिट और रिसीवर लिंक नहीं होंगे। ट्रांसमिट व रिसीव ङ्क्षलक करने के लिए बाइक व हेलमेट के अंदर नौ वोल्ट की बैटरी लगाई गई है।

सौजन्य: दैनिक जागरण

Mithilesh Patel

After completing B.Tech from NIET and MBA from Cardiff University, Mithilesh Patel did Journalism and now he writes as an independent journalist.

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